पटना , फरवरी 05 -- बिहार सरकार के जलसंसाधन मंत्री विजय चौधरी ने गुरुवार को कहा कि राज्य में दलहन उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण 'टाल क्षेत्रों' के समग्र विकास की योजना लागू की जाएगी।

श्री चौधरी ने राज्य विधानसभा में अमरेन्द्र कुमार के अल्पसूचित प्रश्न पर कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के उत्तर के दौरान हस्तक्षेप करते हुए बताया कि दलहन उत्पादन में टाल क्षेत्रों के महत्व को देखते हुए सरकार इसके समेकित विकास की योजना लागू कर रही है।

जलसंसाधन मंत्री ने कहा कि टाल क्षेत्रों में आये अतिरिक्त पानी के समुचित प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है और इसका एक हिस्सा जल-जीवन-हरियाली मिशन के तहत भूजल स्तर के संरक्षण के लिए उपयोग में लाया जाएगा। उन्होंने इसका विवरण देते हुए बताया कि टाल क्षेत्र में जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए बगोरा में हरोहर नदी पर संरचना बनाई जा रही है।

इससे पहले कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने श्री कुमार के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा था कि टाल क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या को जल संसाधन विभाग की सहायता से दूर किया जा रहा है।

श्री यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 4.48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 3.39 लाख मीट्रिक टन दलहन का उत्पादन हुआ। दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए चौथे कृषि रोडमैप के तहत विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों का छिड़काव ड्रोन के माध्यम से किया जा रहा है। साथ ही किसानों को वित्तीय प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है, जिसके तहत मसूर उत्पादकों को 2000 रुपये प्रति क्विंटल की सहायता दी जा रही है।

मंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में बिहार दलहन उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर हो जाएगा और इस अवधि में दलहन उत्पादन दोगुने से भी अधिक होने का अनुमान है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने राज्य में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 93.7 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है।

श्री कुमार ने पूरक प्रश्न के माध्यम से वर्ष भर टाल क्षेत्रों में जलजमाव की ओर सदन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि इसके कारण किसान अपने खेतों में दलहन की खेती नहीं कर पा रहे हैं और इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने ठोस योजना की मांग की। उन्होंने सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर दलहन की खरीद की व्यवस्था करने की भी मांग की।एक स्थानीय भाषा के दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में प्रति व्यक्ति मात्र तीन ग्राम दलहन का उत्पादन हो रहा है।उन्होंने कहा कि राज्य की जनसंख्या और राष्ट्रीय मानक के अनुसार जहां 11 लाख 92 हजार 634 टन दलहन उत्पादन होना चाहिए, लेकिन इस समय राज्य में केवल चार लाख टन दलहन का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति मात्र तीन ग्राम दलहन उपलब्ध हो पा रहा है, जबकि यह मात्रा 25 ग्राम होनी चाहिए।

श्री कुमार ने सरकार से दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए समयबद्ध रणनीति सार्वजनिक करने की भी मांग की।

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