फ्लोरिडा/वाशिंगटन , जनवरी 03 -- अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए चलाए गए सैन्य अभियान का ब्योरा साझा करते हुए बताया कि 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' नाम से चलाए गए इस मिशन में 150 से अधिक सैन्य विमानों ने हिस्सा लिया और इसे मिली सफलता "महीनों की सूक्ष्म योजना" का परिणाम है।
फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जनरल केन ने मिशन की सफलता और अमेरिकी सेना की तैयारियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस अभियान में 20 अलग-अलग सैन्य अड्डों से 150 से अधिक विमानों ने उड़ान भरी। डेल्टा फोर्स के सैनिक रात करीब 1:00 बजे (स्थानीय समय) अमेरिकी हेलिकॉप्टर से श्री मादुरो के परिसर में पहुंचे। यह दस्ता समुद्र तल से मात्र 100 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए वेनेजुएला की सीमा में दाखिल हुआ था।
जनरल केन ने बताया कि श्री मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेते समय अमेरिकी सेना को भारी प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। सैनिकों ने 'आत्मरक्षा' में जवाबी कार्रवाई की। ऑपरेशन के दौरान एक अमेरिकी विमान पर हमला हुआ, लेकिन वह उड़ान भरने में सक्षम रहा और सुरक्षित वापस लौट आया। किसी भी अमेरिकी सैनिक की जान नहीं गई। मिशन की सफलता के पीछे अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और दूसरी टीमों का बड़ा हाथ रहा। इन एजेंसियों ने महीनों तक श्री मादुरो की हर गतिविधि-उनके खाने-पीने से लेकर उनके पहनावे तक पर नजर रखी थी।
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