जयपुर , मार्च 28 -- सप्त शक्ति कमान के अधीन शक्ति थिंक टैंक (जीएसटीटी) के तत्वाधान में शनिवार को यहां मिलिट्री स्टेशन में 'एआई एक फोर्स मल्टीप्लायर- रणनीतिक जागरूकता एवं जिम्मेदार तैयारी' विषय पर ज्ञानवर्धक सेमिनार का आयोजन किया गया।

रक्षा सूत्रों के अनुसार सेमिनार में जयपुर के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं, सेवारत एवं सेवानिवृत्त रक्षा अधिकारियों तथा अकादमिक विशेषज्ञ उपस्थित हुए। इस प्रतिष्ठित पैनल में साइबर पहलुओं के विशेषज्ञ कर्नल आर डी शर्मा, आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग एकीकरण के विशेषज्ञ स्क्वाड्रन लीडर विभूति मंगल (सेवानिवृत्त) और शिक्षा में जनरेटिव आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के विशेषज्ञ मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) के सहायक प्रोफेसर डॉ. महिपाल जडेजा शामिल थे, जिन्होंने इस विषय पर अपने विचार साझा किए।

सभी वक्ताओं ने साइबर एवं सूचना युद्ध प्रौद्योगिकियों सहित एआई के वैश्विक रणनीतिक अनुप्रयोगों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने चैटजीपीटी एवं दैनिक जीवन में एआई के अन्य व्यावहारिक उपयोगों का प्रभावी प्रदर्शन करते हुए इसकी उभरती क्षमताओं को स्पष्ट किया और वक्ताओं ने एआई के क्षेत्र में अपने व्यापक ज्ञान एवं गहन समझ का परिचय दिया तथा अंतिम सत्र में दर्शकों द्वारा प्रासंगिक प्रश्न पूछे गए और कुछ मूल्यवान सुझाव भी दिए गए।

नवंबर 2024 में आयोजित उद्घाटन सेमिनार से अब तक, ज्ञान शक्ति थिंक टैंक ने विविध एवं महत्वपूर्ण विषयों पर नौ सेमिनार का आयोजन किया है। इस मंच का उद्देश्य रणनीतिक एवं रक्षा संबंधी मुद्दों पर बौद्धिक विमर्श को विकसित एवं प्रोत्साहित करना है। यह मंच अनुभवी विशेषज्ञों की सक्रिय सहभागिता के साथ विचारों के आदान-प्रदान का एक सशक्त एवं प्रभावी केंद्र बनकर उभरा है।

सप्त शक्ति कमान के चीफ ऑफ स्टाफ, लेफ्टिनेंट जनरल पी.एस. शेखावत ने अपने समापन संबोधन में दूरवर्ती क्षेत्रों से आए छात्रों सहित सभी प्रतिभागियों की सक्रिय रुचि एवं सहभागिता की सराहना की। उन्होंने सैन्य तथा मानवीय क्षेत्रों में निगरानी एवं जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए एआई के जिम्मेदारीपूर्वक सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग के लिए व्यापक नीतियों और मजबूत साइबर सुरक्षा उपायों के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया और उन्होंने सभी विद्वान वक्ताओं के उनके बहुमूल्य विचारों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

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