बैतूल , जनवरी 1 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यों की पारदर्शी और प्रभावी निगरानी के लिए विकसित किया गया 'ई ग्राम यंत्री' एप अब पूरे मध्यप्रदेश में लागू होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आईएएस अक्षत जैन की पहल पर तैयार इस एप ने पंचायत स्तर पर तकनीकी प्रक्रियाओं को डिजिटल, सरल और जवाबदेह बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

फिलहाल बैतूल जिले की 554 ग्राम पंचायतों में इस एप का सफल ट्रायल किया जा रहा है। एप के माध्यम से निर्माण कार्यों की तकनीकी स्वीकृति (टीएस) से लेकर कार्य पूर्ण होने के बाद जारी होने वाले पूर्णता प्रमाण पत्र (सीसी) तक की समस्त जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जा रही है। इससे अधिकारी एक क्लिक में यह देख पा रहे हैं कि कौन सा कार्य किस स्तर पर है और कहां अटका हुआ है।

ई ग्राम यंत्री एप की खास बात यह है कि अब स्पष्ट रूप से यह जानकारी उपलब्ध हो रही है कि किस इंजीनियर के पास कितनी फाइलें लंबित हैं और वे कितने दिनों से पेंडिंग हैं। जिला पंचायत सीईओ स्वयं इसकी दैनिक समीक्षा कर रहे हैं, जिससे लापरवाही और अनावश्यक देरी पर प्रभावी अंकुश लगा है।

पहले ऑफलाइन व्यवस्था में टीएस की वास्तविक पेंडेंसी और फाइलों की स्थिति का पता लगाना कठिन था। पंचायत सचिवों और सरपंचों को तकनीकी स्वीकृति के लिए उपयंत्रियों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन एप के लागू होने से यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई है।

करीब दो माह से चल रहे सफल ट्रायल के बाद जिला पंचायत सीईओ अक्षत जैन ने एप का विस्तृत प्रेजेंटेशन तैयार कर शासन को भेज दिया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इस एप को प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया जा सकता है।

'ई ग्राम यंत्री' एप न केवल पेंडेंसी कम कर रहा है, बल्कि सिस्टम में जवाबदेही और पारदर्शिता भी सुनिश्चित कर रहा है, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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