चेन्नई , जनवरी 10 -- श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र से 12 जनवरी को होने वाले पीएसएलवी-सी62/ईओएस-एन1 मिशन के प्रक्षेपण के लिए रविवार से काउंटडाउन शुरू हो जाएगा। इस मिशन में पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (ईओएस) के साथ 15 अन्य सह-यात्री उपग्रह भी भेजे जाएंगे।
नये साल में इसरो का यह पहला लॉन्च होगा। इससे पहले इसरो अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी. नारायणन ने मिशन की सफलता के लिए आंध्र प्रदेश के तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। ईओएस-एन1 उर्फ 'अन्वेषा' एक भारतीय हाइपरस्पेक्ट्रल अर्थ इमेजिंग उपग्रह है।
इसे डीआरडीओ द्वारा रणनीतिक रक्षा उद्देश्यों के साथ-साथ कृषि, शहरी मानचित्रण और पर्यावरणीय मूल्यांकन जैसे नागरिक कार्यों की निगरानी के लिए बनाया गया है।
यह काउंटडाउन 24 या 25 घंटे का होगा, जिसके दौरान चार चरणों वाले इस वाहन में ईंधन भरने का काम किया जाएगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि रॉकेट और उपग्रहों को जोड़ने का काम पूरा हो चुका है और लॉन्च से पहले की जांच जारी है।
पीएसएलवी-सी62 मिशन 12 जनवरी, 2026 को सुबह 10:17 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले लॉन्च पैड से उड़ान भरेगा। 44.4 मीटर ऊंचा और 260 टन वजनी पीएसएलवी चार चरणों वाला रॉकेट है, जो ठोस और तरल ईंधन से चलता है।
यह इसरो का सबसे भरोसेमंद और 'वर्कहॉर्स' लॉन्च वाहन है। अन्वेषा और 14 सह-यात्री उपग्रहों को 505 किमी की ऊंचाई पर 97.5 डिग्री के झुकाव के साथ सूर्य समकालिक कक्षा में स्थापित किया जाएगा, जबकि केआईडी कैप्सूल को पुनः प्रवेश प्रक्षेपवक्र में भेजा जाएगा।
उपग्रहों को कक्षा में छोड़ने के बाद रॉकेट के चौथे चरण को डी-बूस्ट करने के लिए फिर से शुरू किया जाएगा ताकि वह फिर से पृथ्वी वातावरण में प्रवेश कर सके। इसके बाद केआईडी कैप्सूल अलग होगा। पीएस4 चरण और केआईडी कैप्सूल दोनों पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करेंगे और दक्षिण प्रशांत महासागर में गिरेंगे।
इसरो ने बताया कि न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड द्वारा यह नौवां समर्पित वाणिज्यिक मिशन है, जिसे एक उपयोगकर्ता के लिए ईओएस-एन1 उपग्रह बनाने और लॉन्च करने के साथ-साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के 14 सह-यात्री उपग्रहों को लॉन्च करने के लिए आयोजित किया गया है।
सह-यात्री उपग्रहों की सूची:थियोस-2: थायलैंड और यूके द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित पृथ्वी अवलोकन उपग्रह। सीजीयूसैट और डीएसयूसैट: ध्रुव स्पेस (भारत) द्वारा विश्वविद्यालय के छात्रों का तकनीकी प्रदर्शन।
एमओआई-1: उपग्रह पर सीधे बड़े एआई मॉडल चलाने की सुविधा (ध्रुव स्पेस और टेकमीटूस्पेस, भारत)। लैचिट : अनेक के लिए रैपिड टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेशन (ध्रुव स्पेस, भारत)। थाईबोल्ट : स्टोर-एंड-फॉरवर्ड कार्यक्षमता के साथ तकनीकी प्रदर्शन (ध्रुव स्पेस और डॉन बॉस्को विश्वविद्यालय)।
मुनाल : नेपाल के विश्वविद्यालय का उपग्रह (अंतरीक्ष प्रतिष्ठान, नेपाल और विदेश मंत्रालय, भारत)। केआईडी कैप्सुल : स्पेनिश स्टार्टअप का री-एंट्री कैप्सूल।
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