भंडारा , फरवरी 11 -- महाराष्ट्र के भंडारा जिले से एक बेहद भावुक कर देने वाले घटनाक्रम में यहां की 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने अपने पिता की मृत्यु के कुछ ही घंटों बाद परीक्षा हॉल में बैठकर परीक्षा दी।

अपनी व्यक्तिगत त्रासदी और गहरे दुख को किनारे रख, जाह्नवी राहंगडाले ने अपने पिता के उस सपने को पूरा करने का संकल्प लिया जो उन्होंने अपनी बेटी की शिक्षा के लिए देखा था।

यह घटना तुमसर तालुका के अंबागढ़ गांव की है। जाह्नवी के 51 वर्षीय पिता होशीलाल राहंगडाले की एक सड़क दुर्घटना में सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मृत्यु हो गई थी। दुखद बात यह है कि यह हादसा ठीक उस दिन हुआ, जब अगले ही दिन से 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली थीं। मंगलवार को जब घर पर पिता का पार्थिव शरीर अंतिम विदाई की प्रतीक्षा कर रहा था और रिश्तेदार शोक में डूबे थे, तब जाह्नवी ने अपने भविष्य और पिता की इच्छा को प्राथमिकता देते हुए परीक्षा केंद्र जाने का कठिन निर्णय लिया।

परिजनों के अनुसार, जाह्नवी अपने पिता के बेहद करीब थी। उसके पिता उसे हमेशा पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करते थे। उनके इसी सपने को अधूरा न रहने देने के लिए जाह्नवी अपने भाई के साथ घर से 8 किलोमीटर दूर 'जनता स्कूल एंड जूनियर कॉलेज' परीक्षा केंद्र पहुंची। सुबह 10 बजे जब वह परीक्षा हॉल में बैठी, तो वहां मौजूद पर्यवेक्षक और अन्य छात्र उसकी हिम्मत देखकर दंग रह गए।

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