होशियारपुर , मार्च 31 -- पंजाब के होशियारपुर जिले में मंगलवार को माहिलपुर थाना क्षेत्र के नूरपुर जट्टां गांव में बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर की एक प्रतिमा की कथित बेअदबी की घटना सामने आयी है।
एक ग्रामीण द्वारा दान की गयी जमीन पर नहर के पास एक इमारत के ऊपर स्थापित यह प्रतिमा टफन्ड ग्लास (मजबूत कांच) के घेरे में सुरक्षित थी।
यह घटना 30 मार्च की रात को हुई, जब अज्ञात व्यक्तियों ने कथित तौर पर प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया। आरोपियों ने एक तरफ से कांच तोड़ा और प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रतिमा पर स्पष्ट निशान बताते हैं कि उसकी नाक, दाहिने गाल, कान, हाथ और पैर पर किसी रॉड जैसी वस्तु से वार किया गया था और सतह पर सीमेंट जैसे निशान भी दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने कहा कि मौके पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था।
गढ़शंकर के पुलिस उपाधीक्षक दलजीत सिंह खख ने कहा कि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस टीमें आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें प्रतिबंधित संगठन 'सिख्स फॉर जस्टिस' (एसजेएफ) से जुड़े गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कथित तौर पर इस कृत्य की जिम्मेदारी ली है। अधिकारियों ने कहा कि जांच के तहत वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है।
पन्नू के नेतृत्व वाले खालिस्तान समर्थक समूह 'सिख्स फॉर जस्टिस' ने राजनीतिक तोड़-फोड़ की एक लक्षित घटना के तहत डॉ अंबेडकर की प्रतिमा पर हथौड़ों से वार करने का फुटेज जारी किया है। इसके साथ ही, उसने दलित समाज से डाॅ अंबेडकर का त्याग करने और गुरु रविदास की पूजा करने का आग्रह किया है, जिनकी शिक्षाओं को गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल किया गया है।
हथौड़े से किये गये इस हमले को 'अंबेडकर पर जनमत संग्रह' करार देते हुए, पन्नू ने पूरे पंजाब में डॉ अंबेडकर की प्रतिमाओं को उखाड़ने के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाने का आह्वान किया है।
इस स्थान पर यह पहली ऐसी घटना नहीं है। पिछले साल जून में भी इसी प्रतिमा की बेअदबी का मामला सामने आया था, जिसके बाद कानून की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी और मामला वर्तमान में विचाराधीन है।
इस बीच, पंजाब बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) इकाई के प्रमुख अवतार सिंह करीमपुरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने घटनास्थल का दौरा किया और विरोध प्रदर्शन किया। श्री करीमपुरी ने इस बेअदबी की निंदा की और मांग की कि आरोपियों को 72 घंटों के भीतर गिरफ्तार किया जाये, अन्यथा आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पार्टी इस घटना के प्रति अपना विरोध दर्ज कराने और दलित प्रतीकों की प्रतिमाओं की सुरक्षा पर चिंता जताने के लिए 18 अप्रैल को गांव में एक विरोध रैली आयोजित करेगी।
श्री करीमपुरी ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार, दोनों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दोनों सरकारें डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को सुरक्षा प्रदान करने में विफल रहीं। उन्होंने दावा किया कि इस क्षेत्र में बेअदबी की यह नौवीं घटना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन अपराधों की बार-बार होने वाली प्रकृति एक बड़ी राजनीतिक साजिश की ओर इशारा करती है, जिसका उद्देश्य सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ना और दलित समुदाय को हाशिए पर धकेलना है।
पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने बाबा साहेब डॉ.अंबेडकर की प्रतिमा के साथ की गयी तोड़फोड़ की कड़े शब्दों में निंदा की है।
श्री जाखड़ ने कहा, " भारतीय जनता पार्टी होशियारपुर जिले में बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा के साथ की गयी तोड़फोड़ की कड़े शब्दों में निंदा करती है। यह पंजाब सरकार की प्रभावी शासन व्यवस्था की कमी को दर्शाता है, क्योंकि इस प्रकार की घटनाएं पूरे राज्य में हो रही हैं।"उन्होंने कहा कि एक तरफ पुलिस थाने भी हमलों का निशाना बन रहे हैं, और दूसरी तरफ विदेशों में बैठे लोग पंजाब में नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि राज्य सरकार कार्रवाई करने में असमर्थ दिखाई दे रही है। हालांकि समाज में विभाजन पैदा करने की ऐसी कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी, लेकिन सरकार को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए।
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