हाेशियारपुर , दिसंबर 05 -- पंजाब में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को कई जिलों में रेलवे के पटरी पर बैठक चक्का जाम किया। अमृतसर, होशियारपुर, जालंधर, फिरोजपुर और लुधियाना समेत कई जगह किसानों ने रेलवे पर बैठकर धरना दिया।

अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित विद्युत संशोधन विधेयक, 2025 के खिलाफ आहूत रेल रोको (रेल नाकाबंदी) प्रदर्शन से पहले आज होशियारपुर जिले में पुलिस ने कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया।

केंद्र के प्रस्तावित विधेयक को रद्द करने और अन्य कृषि संबंधी मुद्दों पर केंद्रित इस विरोध प्रदर्शन में, किसान मज़दूर संघर्ष समिति पंजाब से जुड़े किसानों का एक समूह आज दोपहर पुलिस की निगरानी से बचकर जालंधर-जम्मू खंड पर एक रेल-रोड फ्लाईओवर के नीचे रेलवे ट्रैक पर पहुँच गया। पुलिस द्वारा तितर-बितर किए जाने से पहले वे लगभग 10 मिनट तक रेलवे लाइन पर बैठे रहे।

किसान मजदूर हितकारी सभा पंजाब के नेता ओकार सिंह के नेतृत्व में किसानों का एक समूह विधेयक का विरोध करने के लिए भंगाला की दाना मंडी में एकत्र हुआ था लेकिन पुलिस ने उन्हें रेलवे लाइन की ओर जाने से रोक दिया।

बिजली क्षेत्र के कथित निजीकरण के खिलाफ समिति द्वारा रेल रोको आंदोलन के आह्वान के मद्देनजर पुलिस ने सुबह से ही कई किसान नेताओं को नजरबंद कर दिया था और एहतियातन हिरासत में ले लिया था।

अधिकारियों ने कहा कि किसान नेता - परमजीत सिंह भुल्ला, जिला अध्यक्ष, किसान मजदूर संघर्ष समिति सहित सुरजीत बिल्ला, सदस्य, पगड़ी संभाल जट्टा लहर, बलकार सिंह मल्ली, प्रदेश अध्यक्ष, किसान मजदूर हितकारी सभा पंजाब, शमिंदर सिंह, राज्य उपाध्यक्ष, किसान मजदूर हितकारी सभा पंजाब, रमेश खोसला, कार्यकर्ता, किसान मजदूर हितकारी सभा पंजाब, गुरविंदर सिंह खंगुरा, राज्य उपाध्यक्ष, बीकेयू (दोआबा) और विजय कुमार, प्रदेश अध्यक्ष, पगड़ी संभाल जट्टा लहर पंजाब - जिन्हें हिरासत में लिया गया था या फिर घर में नजरबंद रखा गया था, उन्हें पुलिस ने लगभग तीन बजे रिहा किया।

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