पटना , मार्च 01 -- होली पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण को लेकर पटना के जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी पदाधिकारी संयुक्त जिलादेश का सख्ती से पालन करें।
04 मार्च को होली के मद्देनजर जिले के 607 स्थानों पर 109 वरीय दंडाधिकारियों के नेतृत्व में 659 दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। इनके साथ पुलिस पदाधिकारी, सशस्त्र बल, लाठी बल और क्विक रिस्पांस टीम भी मुस्तैद रहेगी। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी, 24 घंटे गश्ती, मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सक्रिय रखने के निर्देश दिये गये हैं।
पटना सदर, पटना सिटी, दानापुर, बाढ़, मसौढ़ी और पालीगंज अनुमंडलों में अलग- अलग स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है। सभी नियंत्रण कक्ष तीन पालियों में कार्य करेंगे। ड्रोन, सीसीटीवी और वीडियो कैमरों से सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी रखी जायेगी।
प्रशासन ने नदियों में निजी नाव परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। नदी घाटों पर राज्य आपदा मोचन बल की सात टीमें, मोटर बोट और गोताखोर तैनात रहेंगे। अग्निशमन दस्ता, एंबुलेंस, मेडिकल टीम और अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। शराब निर्माण, तस्करी और आपूर्ति पर सख्त नजर रखने के निर्देश दिये गये हैं।
किसी भी आपात स्थिति में 24 घंटे जिला नियंत्रण कक्ष, डायल- 112 और आपात संचालन केंद्र पर सूचना देने की अपील की गई है। जिलाधिकारी और एसएसपी ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुये नागरिकों से शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से होली मनाने की अपील की है।
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