नयी दिल्ली , जनवरी 07 -- कीमतों में भारी उछाल के कारण देश के आठ बड़े शहरों में साल 2025 में मकानों की बिक्री एक प्रतिशत घटकर 3.48 लाख रह गयी।

रियल एस्टेट सलाह कंपनी नाइट फ्रैक इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि होम लोन पर ब्याज की दरों में नरमी के बावजूद यह गिरावट देखी गयी है। यह रिपोर्ट प्राथमिक आवास बाजार के आंकड़ों के आधार पर तैयार की गयी है।

रिपोर्ट के अनुसार, रियल एस्टेट कंपनियों ने बताया कि होम लोन पर ब्याज दरों में कमी, मजबूत आर्थिक विकास और मुद्रास्फीति में कमी के कारण पिछले साल मकानों की बिक्री में गिरावट पर लगाम रही।

आठ बड़े शहरों में शामिल मुंबई महानगरीय क्षेत्र में मकानों की बिक्री पिछले साल एक प्रतिशत बढ़कर 97,188 इकाई पर पहुंच गयी। वहीं औसत कीमत सात प्रतिशत बढ़कर 8,856 रुपये प्रति वर्ग फुट पर पहुंच गयी। बेंगलुरु में 55,373 इकाई की के साथ बिक्री लगभग स्थिर रही और औसमत कीमत 12 प्रतिशत बढ़कर 7,388 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गयी। पुणे में बिक्री तीन प्रतिशत घटकर 50,881 इकाई रही जबकि कीमत पांच प्रतिशत बढ़कर 5,016 रुपये प्रति वर्ग फुट पर पहुंच गयी।

दिल्ली-एनसीआर में बिक्री में नौ प्रतिशत की सबसे बड़ी गिरावट देखी गयी। यहां पिछले साल 52,452 मकान बिके। दूसरी तरफ, औसत कीमत 19 प्रतिशत की सर्वाधिक वृद्धि के साथ 6,028 प्रति वर्ग फुट पर रही। हैदराबाद में बिक्री चार प्रतिशत बढ़कर 38,403 इकाई पर और कीमत 13 फीसदी बढ़कर 6,721 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गयी।

अहमदाबाद में घरों की बिक्री दो प्रतिशत बढ़कर 18,752 इकाई पर रही और औसत कीमत तीन प्रतिशत बढ़कर 3,197 रुपये प्रति वर्ग फुट पर पहुंच गयी। चेन्नई में बिक्री में सबसे अधिक 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई और 18,262 मकान बिके। वहीं, औसत कीमत सात फीसदी बढ़कर 5,135 रुपये प्रति वर्ग फुट रही। कोलकाता में बिक्री तीन प्रतिशत घटकर 16,896 इकाई रह गयी जबकि औसत कीमत छह फीसदी की वृद्धि के साथ 4,037 रुपये प्रति इकाई पर रही।

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