नैनीताल , नवंबर 07 -- भारतीय हॉकी के 100 साल पूरे होने के अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि खिलाड़ी हॉकी का पुराना गौरव लौटाने का संकल्प लें।

खेल मंत्री बिना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के हल्द्वानी स्थित मानसखंड खेल परिसर पहुंची और हॉकी खिलाड़ियों के साथ खेल में हाथ आजमाए। इस मौके पर यहां एक प्रदर्शनी मैच का आयोजन भी किया गया।

उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज ही के दिन 1925 में भारतीय हॉकी महासंघ की स्थापना की गई थी। इसके बाद भारतीय हॉकी टीम ने पहली बार 1928 के ओलंपिक में हिस्सा लिया और गोल्ड मेडल जीतकर पूरी दुनिया में भारतीय हॉकी का परचम लहराया।

खेल मंत्री ने यह भी कहा कि एक जमाने में दुनिया की कोई भी टीम भारतीय हॉकी टीम के साथ खेलने से डरती थी। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी भारतीय हॉकी का यह पुराना गौरव वापस लाने का संकल्प लेकर तैयारी करें तो फिर से ऐसी सफलता पाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हॉकी का कल्चर तेजी से विकसित हो रहा है और आधुनिक दौर में भी प्रदेश ने वंदना कटारिया जैसे खिलाड़ी दिए हैं।

उन्होंने कहा कि अगले ओलंपिक के लिए भारतीय हॉकी टीम में प्रदेश का भी अच्छा प्रतिनिधित्व रहे, यह लक्ष्य लेकर खिलाड़ी आगे की तैयारी करें।

इस अवसर पर सहायक खेल निदेशक रसिका सिद्दकी के अलावा अनेक अधिकारी मौजूद रहे।

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