हैदराबाद , मार्च 11 -- तेलंगाना में आर्गनाइजेशन फॉर प्रोटक्शन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स (ओपीडीआर) ने खम्मम जिले के वेलुगुमाटला में आवास स्थलों के लिए जारी आंदोलन से जुड़े आदिवासी नेता पोलाबोयिना मुथैया (52) के कथित अपहरण की निंदा करते हुए उनकी तुरंत और सुरक्षित रिहाई की मांग की है।
ओपीडीआर के महासचिव डी. विजयेंद्र राव और अध्यक्ष डॉ. एस. जतिन कुमार ने संयुक्त बयान में कहा कि इस घटना पर जनता और लोकतांत्रिक संगठनों को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए और अपहरण के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराना चाहिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खम्मम जिले के आदिवी मड्डुलपल्ली गांव के कोया जनजाति से ताल्लुक रखने वाले मुथैया मंगलवार शाम हैदराबाद के न्यू मारुतीनगर इलाके में मौजूद थे। बताया गया है कि करीब शाम 5:30 बजे वह अपनी मोटरसाइकिल से मुख्य सड़क के पास जा रहे थे, तभी वह अचानक लापता हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ लोगों ने उन्हें जबरन एक सफेद क्रेटा कार में धकेल दिया। कार में मौजूद एक व्यक्ति उनकी मोटरसाइकिल को पास की एक दर्जी की दुकान के पास छोड़ गया, जिसके बाद कार तेज रफ्तार से वहां से निकल गई।
ओपीडीआर का कहना है कि मुथैया खम्मम शहर के वेलुगुमाटला में आवास स्थलों के लिये चल रहे आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। संगठन ने बताया कि 24 फरवरी को लगभग 1,000 घरों को ध्वस्त किए जाने के बाद से इलाके में तनाव है, जिससे इस अपहरण में पुलिस की भूमिका होने का संदेह भी जताया गया है।
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