चमोली ( वार्ता) उत्तराखण्ड के चमोली जिले में स्थित हेमकुंड की यात्रा के लिए रोपवे निर्माण और वर्ष 2021 में जोशीमठ में आयी आपदा के समय से बंद पड़ी रोपवे परियोजना के काम में तेजी आने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मंगलवार को हेमकुंड साहिब की प्रस्तावित रोपवे परियोजना और औली रोपवे के सुधारीकरण की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने रोपवे कार्यों को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। जिस पर उन्होंने पर्यटन विभाग को निर्माण कार्यों के लिए प्रस्तावित भूमि के चयन और हस्तांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक के दौरान पर्यटन अधिकारी और रोपवे निर्माण एवं सुधारीकरण से जुड़ी ऐजेंसी के अधिकारियों को समंवय स्थापित कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने हेमकुंड साहिब रोपवे के निर्माण और औली रोपवे के सुधारीकरण को लेकर सर्वेक्षण कर निजी भूमि, राजस्व भूमि और वन भूमि का चिह्निकरण कर अधिग्रहण अथवा हस्तांतरण की प्रक्रिया को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। ताकि परियोजनाओं का निर्माण समय पर सुगमता से किया जा सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने बताया कि हेमकुंड साहिब रोपवे निर्माण कार्य हेतु कमेटी का गठन किया गया है। योजना में जहां पांडुकेश्वर, पुलना और भ्यूंडार गांव प्रभावित श्रेणी में हैं। वहीं योजना के निर्माण में नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान की भूमि का भी उपयोग किया जाएगा। वहीं औली रोपवे निर्माण को लेकर भी ब्रिडकुल की ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर शासन को भेजी गई है।
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