रांची/चाबुआ , अप्रैल 06 -- झारखंड के मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने असम की चाबुआ-लाहोवाल विधानसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार के लिए ऑनलाइन प्रचार करते हुए चाय बागान मजदूरों तथा आदिवासियों के मुद्दे उठाए हैं।

श्री सोरेन ने जेएमएम उम्मीदवार भुबेन मुरारी के समर्थन में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के कारण उनके हेलीकॉप्टर को मंजूरी नहीं मिली, जिसके चलते वे प्रचार के लिए यात्रा नहीं कर पाए।

उन्होंने इस घटनाक्रम को राजनीतिक प्रचार में बाधा डालने की कोशिश बताया और कहा कि ऐसे कदम लोकतंत्र की भावना के खिलाफ हैं। श्री सोरेन ने चाय बागान मजदूरों की मजदूरी का मुद्दा भी उठाया और कहा कि असम के चाय बागानों के मजदूरों को कम से कम 500 रुपये दैनिक मजदूरी मिलनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि असम में रहने वाले आदिवासी समुदायों को अब तक अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा क्यों नहीं दिया गया है और इस मुद्दे को लंबे समय से चला आ रहा अन्याय बताया।

श्री सोरेन ने चुनावी प्रचार के दौरान किए जा रहे कल्याणकारी वादों का जिक्र करते हुए मतदाताओं से यह विचार करने का आग्रह किया कि क्या अल्पकालिक वित्तीय आश्वासन उनकी दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक चिंताओं को दूर कर सकते हैं।

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