बेंगलुरु , जनवरी 09 -- कर्नाटक के हुबली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला कार्यकर्ता को निर्वस्त्र करने की जांच के सिलसिले में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) की देखरेख में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है।

गौरतलब है कि मामले में एसआईटी गठन की जरूरत तब महसूस की गई जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में सप्ताह की शुरुआत में केशवापुर इलाके में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया से जुड़े विवाद के सिलसिले में गिरफ्तारी के दौरान भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता पुलिस वाहन के अंदर आपत्तिजनक हालत में दिख रही हैं।

भाजपा ने आरोप लगाया है कि महिला के साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट की और उसे निर्वस्त्र किया। पुलिस और राज्य अधिकारियों ने हालांकि दुर्व्यवहार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि महिला ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए खुद अपने कपड़े उतारे थे और पुलिस उसे कपड़े पहनाने में मदद कर रही थी।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उसने गिरफ्तारी का विरोध किया। कई अधिकारियों पर हमला किया और उसे भाजपा के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में लिया गया, जिन्होंने बाद में थाना में विरोध-प्रदर्शन किया।

इस घटना का राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक को पांच दिनों के भीतर एक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) जमा करने का निर्देश दिया है, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि यदि यह आचरण साबित होता है, तो यह महिलाओं की गरिमा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का गंभीर उल्लंघन है।

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