हुबली , जनवरी 07 -- र्नाटक के हुबली में पुलिस हिरासत में ली गई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक महिला कार्यकर्ता के साथ कथित तौर पर मारपीट की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
व्यापक रूप से ऑनलाइन प्रसारित हो रहे इस वीडियों में कथित तौर पर हिरासत के दौरान एक बस के अंदर महिला को पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों से घिरा हुआ दिखाया गया है। महिला द्वारा हिरासत का विरोध करने और पुलिस कार्रवाई का विरोध करने के बाद स्थिति और बिगड़ गई, जिसके बाद कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई।
हुबली पुलिस आयुक्त शशि कुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस ने महिला के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया। पत्रकारों से बात करते हुए श्री कुमार ने कहा कि गिरफ्तारी के दौरान महिला ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया ।
उन्होंने बताया कि यह घटना चालुक्य नगर में सक्षम अधिकारियों द्वारा किए जा रहे एक सर्वेक्षण के दौरान हुई, जिसमें स्थानीय निवासियों के बीच मतभेद उत्पन्न हुए और अंततः झड़प में तब्दील हो गए। पुलिस आयुक्त ने कहा, "वहां बहस हुई, जिसके बाद गाली-गलौज और मारपीट हुई।"श्री कुमार ने बताया कि इस घटना के संबंध में तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं और स्थानीय निवासी द्वारा दर्ज कराए गए हत्या के प्रयास के मामले में महिला को रविवार, 5 जनवरी को हिरासत में लिया गया था। उन्होंने आगे बताया कि महिला और उसके साथियों ने गिरफ्तारी का विरोध किया।
उन्होंने कहा, "गिरफ्तारी के दौरान महिला और उसके साथियों ने कड़ा विरोध किया। इस दौरान उसने कथित तौर पर एक सब-इंस्पेक्टर को काट लिया, जबकि तीन से चार पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई और उन्हें उनकी ड्यूटी करने से रोका गया।"पुलिस आयुक्त ने आगे दावा किया कि पुलिस वाहन में ले जाते समय महिला ने खुद अपने कपड़े उतार दिए। श्री कुमार ने कहा, "हमारे पुलिसकर्मियों, विशेषकर महिला कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों की मदद से लाकर उसे कपड़े पहनाए।"प्रारंभिक जांच के अनुसार, कांग्रेस पार्षद सुवर्णा कल्लाकुंतला की शिकायत के बाद महिला को हिरासत में लिया गया। यह शिकायत राज्य की मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद से संबंधित है।
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