भुवनेश्वर , जनवरी 20 -- ओडिशा के मनोरम हीराकुंड जलाशय के आर्द्रभूमि क्षेत्रों में इस वर्ष शीतकालीन प्रवासी पक्षियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस बार करीब 4.2 लाख प्रवासी पक्षियों ने हीराकुंड जलाशय और उससे जुड़े द्वीपों को अपना अस्थायी बसेरा बनाया, जिससे ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा तक फैले क्षेत्र में चहचहाहट गूंज उठी है।

पूरे आर्द्रभूमि क्षेत्र में की गयी वार्षिक शीतकालीन पक्षी गणना के दौरान 128 प्रजातियों की लगभग 4.2 लाख पक्षियों की उपस्थिति दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। वर्ष 2025 में हुई गणना में 12 प्रजातियों के 3.77 लाख पक्षी दर्ज किए गए थे। इस वर्ष पहली बार पांच नयी प्रजातियां भी देखी गईं, जिनमें रडी क्रेक, ग्रेटर पेंटेड स्नाइप, पेंटेड स्टॉर्क, लिटिल गल और सैंडरलिंग शामिल हैं। ये प्रजातियां पूर्व वर्षों की गणना में दर्ज नहीं की गई थीं।

इस साल जिन प्रमुख प्रजातियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी दर्ज की गई, उनमें कॉमन वेडर्स, टफ्टेड डक, व्हिसलिंग डक, ग्रीब्स, बार-हेडेड गूज, ब्राह्मणी डक, गैडवॉल, यूरेशियन विजन, नॉर्दर्न पिंटेल, नॉर्दर्न शोवलर, रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड, इंडियन स्किमर, कॉर्मोरेंट, विभिन्न प्रकार के बगुले और हेरॉन तथा प्लोवर शामिल हैं।

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