ऋषिकेश , नवंबर 04 -- हिमालय की पवित्र वादियों में स्थित लेखक गांव थानो में अंतरराष्ट्रीय साहित्य, संस्कृति एवं कला उत्सव स्पर्श हिमालय महोत्सव-2025 का भव्य शुभारंभ हुआ।
इस अवसर पर केंद्रिय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल तथा पूर्व राष्ट्रपति, मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का आयोजन पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं प्रख्यात साहित्यकार डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' के मार्गदर्शन में किया गया। उद्घाटन सत्र में आईआईटी रूड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत, गुजरात साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. भाग्येश झा, टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान के कुलाधिपति प्रो. डी.पी. सिंह सहित अनेक लेखक, कवि, कलाकार, विचारक, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने अपने उद्बोधन में कहा कि उत्तराखंड लेखन, गायन और शास्त्र की जननी रहा है। महर्षि व्यास से लेकर भगवान गणेश तक, इन दिव्य वादियों में बैठकर लेखन कर भारत की संस्कृति और ज्ञान परंपरा को समृद्ध किया गया। गंगा ने उस लेखनी को निर्मलता और पवित्रता का वरदान दिया है।
डॉ. निशंक ने कहा कि हिमालय केवल भारत की शान नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व की आध्यात्मिक रीढ़ है। इसका संरक्षण और इसकी महिमा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सबका धर्म है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन 'पर्यावरण-आधारित सांस्कृतिक पुनर्जागरण' की दिशा में एक महत्वपूर्ण वैश्विक पहल है।
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