रायपुर , जनवरी 09 -- छत्तीसगढ़ में हिमालय क्षेत्र से आ रही सर्द हवाओं के असर से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। विशेषकर सरगुजा संभाग में ठंड का प्रभाव सबसे अधिक देखा जा रहा है। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज क्षेत्र में खेतों और पैरावट पर जमी ओस की बूंदें बर्फ का रूप लेती नजर आ रही हैं। यहां रात का तापमान एक से दो डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।

मौसम विभाग द्वारा आज जारी परामर्श के अनुसार आगामी दो दिनों में प्रदेश के उत्तरी और मध्य अंचलों में ठंड और तेज होने की संभावना है। इसे देखते हुए 18 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 28 दिनों के भीतर राज्य में ठंड से तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हिमालय और उत्तर भारत की ठंडी हवाएं दक्षिण दिशा की ओर बढ़ रही हैं। तेज जेट स्ट्रीम इन हवाओं को तेजी से मध्य भारत तक पहुंचा रही है, जिसके कारण छत्तीसगढ़ में रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह और शाम के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस हो रहा है और कुछ क्षेत्रों में शीतलहर जैसी स्थिति बन गई है।

सात जनवरी को कोरबा जिले के सरई सिंगार निवासी 55 वर्षीय हरप्रसाद भैना की ठंड लगने से मौत हो गई। उनका शव कसईपाली स्थित यात्री प्रतीक्षालय में मिला। बताया गया कि वे एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पैदल घर लौट रहे थे और अत्यधिक ठंड व थकान के चलते प्रतीक्षालय में सो गए थे। सुबह उनकी मौत की जानकारी सामने आई।

इसी तरह, अंबिकापुर के समीप श्रीगढ़ क्षेत्र में नए साल की रात एक बुजुर्ग की ठंड से मौत हो चुकी है। कम कपड़ों में खुले स्थान पर सोने के कारण वे हाइपोथर्मिया की चपेट में आ गए थे। अंबिकापुर में यह ठंड से होने वाली दूसरी मौत का मामला है।

सरगुजा संभाग में बढ़ती ठंड को देखते हुए सरगुजा, बलरामपुर, कोरिया और सूरजपुर जिलों में प्राथमिक स्कूलों को 10 जनवरी तक बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी प्राथमिक विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। हालांकि माध्यमिक , उच्च और हायर सेकेंडरी स्कूलों का संचालन यथावत रहेगा।

दो पालियों में संचालित होने वाले स्कूलों के समय में भी बदलाव किया गया है। अब पहली पाली सुबह 9.30 बजे से 12.30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 12.30 बजे से शाम चार बजे तक संचालित होगी। यह आदेश सभी शासकीय, अर्धशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों पर लागू रहेगा।

रायपुर में शीतलहर का असर बढ़ते ही नगर निगम ने राहत के तौर पर शहर के 12 से अधिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। निगम आयुक्त और महापौर के निर्देश पर जोन स्तर के अधिकारी रात के समय व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।

वहीं स्वास्थ्य विभाग ने परामर्श जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि अचानक तापमान गिरने से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। शीतलहर के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।

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