शिमला , जनवरी 02 -- ) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने न्यूजीलैंड से आयात होने वाले सेब पर शुल्क कटौती का शुक्रवार को कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि यह कदम राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले बागवानी क्षेत्र के लिए आत्मघाती साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के लाखों सेब किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष उच्चतम स्तर पर उठाएगी। उन्होंने घोषणा की कि वह भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के तहत आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने के फैसले पर पुनर्विचार के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखेंगे।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने आगाह किया कि अगर विदेशी सेब भारतीय बाजारों में कम कीमतों पर मिलेंगे, तो इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सेब का सीजन जून से अगस्त के बीच चरम पर होता है और इसी दौरान रियायती शुल्क पर आयात की अनुमति देने से स्थानीय बाजार में कीमतों के धराशायी होने का खतरा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिमाचल के अलावा जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के किसान संगठन भी इस फैसले का विरोध कर रहे हैं क्योंकि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गहरा सामाजिक और आर्थिक संकट पैदा हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल सरकार बाजार हस्तक्षेप योजना के जरिए पहले से ही किसानों को सहायता प्रदान कर रही है, लेकिन केंद्र के ऐसे फैसले बागवानों की कमर तोड़ देंगे जो पहले से ही जलवायु परिवर्तन और बढ़ती लागत की मार झेल रहे हैं।
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