सिरमौर , मार्च 08 -- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को सिरमौर जिले में वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत लाभार्थी परिवारों को 29 व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टे बांटे।

प्रावधानों के मुताबिक, ये पट्टे पति-पत्नी दोनों के संयुक्त नाम पर जारी किये गये हैं, ताकि परिवार और समाज में महिलाओं के समान अधिकारों और उनकी भागीदारी को पहचान मिल सके। ये पट्टे भूमिहीन और छोटे किसान परिवारों को दिये गये हैं, जो कई सालों से अपनी आजीविका के लिए वन भूमि पर निर्भर थे। महिला लाभार्थियों में लगभग 90 प्रतिशत अनुसूचित जाति से संबंधित हैं, जबकि सात परिवार पूरी तरह से भूमिहीन हैं।

महिला लाभार्थियों ने खुद कार्यक्रम में शामिल होकर ये मालिकाना हक हासिल किये, जो उनके सशक्तीकरण और सामाजिक पहचान की दिशा में बड़ा कदम है।

अधिकारियों ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम के तहत सिरमौर जिले में जारी किये गये ये पहले वन अधिकार पट्टे हैं, जो इस क्षेत्र के वनों पर निर्भर समुदायों के लिए एक अहम पहल है। इन अधिकार धारकों के लिए ये पट्टे न केवल जमीन तक पहुंच सुनिश्चित करते हैं, बल्कि उनके लिए सुरक्षा, सम्मान और एक बेहतर भविष्य की उम्मीद भी हैं।

इस कदम को उन परिवारों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिन्हें कानून के तहत 'अन्य पारंपरिक वन निवासी' (ओटीएफडी) की श्रेणी में रखा गया है, जिनमें से कई लंबे समय से जमीन के मालिकाना हक को लेकर अनिश्चितता के बीच जी रहे थे।

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