सोलन , जनवरी 03 -- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने धर्मशाला में एक 19 वर्षीय दलित छात्रा की मौत को गंभीरता से लेते हुए मामले में शामिल प्रोफेसर को निलंबित करने और सच्चाई का पता लगाने को विशेष जांच कराने की बात कही है।

मुख्यमंत्री ने सोलन के कंडाघाट में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि छात्रा ने अपने बयान में जिस प्रोफेसर का नाम लिया है, उसे तुरंत निलंबित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं और सरकार इसमें शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी।

गौरतलब है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने भी इस मामले में अलग से जांच करने का फैसला किया है। यूजीसी ने मामले की जांच के लिए तथ्यों पर आधारित एक कमेटी का गठन किया है। यूजीसी ने स्पष्ट किया कि यह घटना बेहद दुखद है और परिवार को आश्वासन दिया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी। यूजीसी ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस संबंध में किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यूजीसी ने छात्रा की मौत का स्वतः संज्ञान लिया है और फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी से जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग ने भी छात्रा के साथ जातिवादी टिप्पणियों के साथ उत्पीड़न के आरोपों के संबंध में पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने एसपी कांगड़ा से रिपोर्ट मांगी है।

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