शिमला , जनवरी 02 -- हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने धर्मशाला के सरकारी डिग्री कॉलेज की दलित छात्रा पल्लवी की मौत की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कांग्रेस शासन में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाये हैं।
श्री ठाकुर ने शुक्रवार को एक बयान में पल्लवी की मौत को 'बेहद दर्दनाक और दुखद' बताया और कहा कि पुलिस और प्रशासन द्वारा बार-बार लापरवाही के आरोपों को नजरंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए क्योंकि यह एक दलित महिला को न्याय दिलाने से जुड़ा मामला है।
उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, "यह सिर्फ एक घटना नहीं है बल्कि यह व्यवस्था की जवाबदेही का सवाल है। एक उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आए और पीड़ित को न्याय मिले।"नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले को हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर एक बड़ी चिंता से भी जोड़ा। उन्होंने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ऐसी घटनाओं के बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब प्रारंभिक चरण में गंभीर शिकायतों को नजरंदाज किया जाता है, तो सरकार के बेहतर शासन के दावे झूठे साबित होते हैं।
श्री ठाकुर ने पल्लवी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि परिवार द्वारा पुलिस को जानकारी देने के बावजूद अधिकारियों ने पीड़ित परिवार का उत्पीड़न किया, डराया-धमकाया और कोई कार्रवाई नही की। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई दबाव, प्रभाव या देरी जांच को प्रभावित न करे।
इस बीच शिमला नगर निगम के पूर्व मेयर संजय चौहान ने पुलिस महानिदेशक को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की अध्यक्षता में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
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