शिमला , अप्रैल 05 -- हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और विद्यार्थियों को बदलते रोज़गार बाज़ार के लिए ज़रूरी कौशल से सुसज्जित करने के लिए उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मज़बूत तालमेल की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है।
श्री गुप्ता ने यहां लोकभवन में रविवार को शिक्षाविदों के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए राज्य में उच्च शिक्षा प्रणाली को मज़बूत करने के लिए छात्रों के बीच शोध की सोच, नवाचार और समग्र विकास को बढ़ावा देने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
इस प्रतिनिधिमंडल में महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप सिंह वालिया, पंजाब के गुरदासपुर स्थित सरकारी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अश्विनी कुमार भल्ला और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के डॉ. राज कुमार सिंह शामिल थे।
बैठक के दौरान, शिक्षाविदों ने राज्यपाल को अपने-अपने संस्थानों में चल रही विभिन्न शैक्षणिक पहलों के बारे में जानकारी दी और शोध के माहौल को मज़बूत करने तथा शैक्षिक पहुँच का विस्तार करने के संबंध में उनका मार्गदर्शन माँगा।
श्री गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालयों को पारंपरिक पाठ्यक्रमों से आगे बढ़कर नवाचार, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण के केंद्रों के रूप में उभरना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को उद्योग से जुड़े कौशल से लैस करने और शैक्षणिक कार्यक्रमों के भीतर व्यावहारिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप तथा व्यावसायिक एकीकरण के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा देने के महत्व पर ज़ोर दिया।
राज्यपाल ने शैक्षणिक उत्कृष्टता, संस्थागत अखंडता और विश्वविद्यालय प्रशासन में पारदर्शिता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। शैक्षणिक संस्थानों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए श्री गुप्ता ने आशा व्यक्त की कि इस तरह की बातचीत सहयोगात्मक शिक्षा को प्रोत्साहित करेगी और इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए एक साझा दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करेगी।
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