शिमला , जनवरी 05 -- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ने चंडीगढ़ की सीमा पर और बद्दी के औद्योगिक केंद्र के पास एक विश्व स्तरीय 'हिम-चंडीगढ़ टाउनशिप' विकसित करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मंत्रिपरिषद ने प्रस्तावित टाउनशिप के लिए लगभग 3,400 बीघा जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि बड़े पैमाने पर जमीन मालिकों की सहमति प्राप्त कर ली गई है और योजना की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जमीन अधिग्रहण करने की प्रक्रिया फिलहाल जारी है। इस टाउनशिप को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा ताकि सुनियोजित शहरी विकास और बेहतर बुनियादी ढांचा सुनिश्चित किया जा सके।

श्री सुक्खू ने मंत्रिमंडल के पिछले फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण का कार्य हिमाचल प्रदेश हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एचआईएमयूडीए) के माध्यम से किया जाएगा। चिन्हित क्षेत्र में सरकारी और निजी भूमि का अनुपात लगभग बराबर है और कानूनी औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना बद्दी और नालागढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों तक विस्तृत होगी, जिससे इस क्षेत्र के औद्योगिक-आवासीय कॉरिडोर को मजबूती मिलेगी।

श्री सुक्खू ने कहा कि सरकार ने पर्यावरण सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सीमा के दूसरी ओर ग्राम पंचायत की भूमि को एकत्रित करने का भी निर्णय लिया है। पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए टाउनशिप और उसके आसपास के लगभग 10,000 बीघा हरित वन क्षेत्र को संरक्षित किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मोरनी हिल्स क्षेत्र के पास भी एक टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव विचाराधीन है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि टाउनशिप परियोजना का उद्देश्य मौजूदा शहरी केंद्रों में भीड़भाड़ कम करना, नियोजित आवास प्रदान करना और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना आर्थिक अवसर पैदा करना है। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता और स्थानीय भागीदारी के साथ विकास प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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