शिमला , नवंबर 15 -- हिमाचल प्रदेश में शनिवार को मादक पदार्थ 'चिट्टा' के खिलाफ एक बड़ा जन जागरूकता अभियान शुरू हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऐतिहासिक रिज मैदान से राज्य स्तरीय चिट्टा विरोधी वॉकथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह पहल तीन महीने तक चलने वाले राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत है जिसका उद्देश्य नशा विरोधी आंदोलन को जन अभियान बनाना है। रिज मैदान से चौड़ा मैदान तक सैकड़ों प्रतिभागी, जिनमें नागरिक, छात्र और अधिकारी शामिल थे, इस वॉकथॉन में शामिल हुए।
इस कार्यक्रम में राज्यपाल, कैबिनेट मंत्री, विधायक, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राएं तथा प्रमुख सामाजिक संगठनों ने हिस्सा लिया। सांस्कृतिक दलों ने रिज मैदान और सीटीओ चौक पर पारंपरिक जुबा नृत्य प्रस्तुत कर मादक पदार्थों के सेवन से परहेज़ करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। हिमाचल पुलिस ऑर्केस्ट्रा ने भी इस अभियान के समर्थन में अपनी प्रस्तुति पेश की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को शपथ दिलाया तथा उनसे नशे तथा अन्य सभी प्रकार के मादक पदार्थों से दूर रहने, परिवार और समाज को नशामुक्त रहने के लिए प्रेरित करने तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ हिमाचल प्रदेश के निर्माण के लिए सामूहिक कार्रवाई का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने 'भारत माता की जय' का नारा लगाते हुए चिट्टा के खिलाफ सरकार की शून्य सहनशीलता की नीति दोहराई।
श्री सुखू ने नशा तस्करों को चेतावनी दी कि वे अवैध व्यापार छोड़ दें अन्यथा कड़ी सजा भुगतने को तैयार रहें। उन्होंने कहा कि राज्य में नशा तस्करी के लिए अब आजीवन कारावास और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
उन्होंने चिट्टा विरोधी 100 स्वयंसेवकों की तैनाती की घोषणा की जिन्हें सरकारी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि चिट्टा सिर्फ़ ज़हर नहीं है बल्कि यह हमारे राज्य की आत्मा पर हमला है। उन्होंने बच्चों, युवाओं, परिवारों और पूरे समाज पर इसके विनाशकारी प्रभाव की बात की।
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