बिलासपुर , जनवरी 11 -- हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए निरंतर नवाचार प्रयासों के परिणामस्वरूप वह स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में से एक बन गया है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में, राज्य की स्कूली शिक्षा प्रणाली में की जा रही नई पहलों ने न केवल ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा उपलब्ध करायी है बल्कि गरीब बच्चों के अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्राप्त करने के सपने को भी साकार कर रही हैं।
बिलासपुर जिले के घुमारविन उपमंडल की डाकरी ग्राम पंचायत के चुआड़ी स्थित सरकारी हाई स्कूल में ग्रामीण बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्रदान की जा रही है। आधुनिक सुविधाओं वाले इस विद्यालय में बच्चों के लिए स्मार्ट क्लासरूम, आईटी लैब, आधुनिक पुस्तकालय, वाई-फाई और कई अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इसके साथ ही बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्राप्त करने का विकल्प भी दिया गया है। सरकार का यह महत्वपूर्ण कदम न केवल बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में अध्ययन करने का अवसर प्रदान कर रहा है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी लगातार बढ़ा रहा है।
राज्य सरकार की इस पहल से अभिभावकों को निजी स्कूलों की अत्यधिक फीस चुकाने के बजाय सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाना ज्यादा सही लग रहा है। इससे न केवल अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है बल्कि बच्चों को कम लागत में आधुनिक सुविधाओं के साथ अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो रही है।
अभिभावकों ने राज्य के सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है और सरकार के इस निर्णय की सराहना की है। उनका कहना है कि इस पहल ने संसाधनों की कमी के कारण बेहतर शिक्षा से वंचित रहे गरीब ग्रामीण बच्चों के सपनों को नई दिशा दी है।
विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का कहना है कि अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा उपलब्ध होने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका के अनुसार, बच्चों की वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में शिक्षा प्राप्त करने का विकल्प उपलब्ध है। विद्यालय पूरी तरह से डिजिटल मोड में संचालित है, जिसमें स्मार्ट क्लासरूम, वाई-फाई, कंप्यूटर शिक्षा और खेलकूद और अन्य गतिविधियों के लिए उत्कृष्ट बुनियादी ढांचा मौजूद है।
इसके अलावा छात्रों को अंग्रेजी बोलने के पाठ्यक्रमों में भाग लेने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
राज्य सरकार में मंत्री एवं स्थानीय विधायक राजेश धरमानी ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम का विकल्प प्रदान करके अपनी एक महत्वपूर्ण गारंटी पूरी की है।
इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी अब अपने घरों के पास स्थित सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को उनके घरों के पास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिनमें अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा उपलब्ध कराना भी शामिल है।
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