हैदराबाद , जनवरी 08 -- हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित कुमार और उनकी टीम ने गुरुवार को यहां सचिवालय में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी से शिष्टाचार भेंट की । उन्होंने तेलंगाना में लागू हो रहे शिक्षा सुधारों पर चर्चा की और 'यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल' की अवधारणा में रुचि दर्शाई।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने तेलंगाना के शिक्षा क्षेत्र में किये जा रहे प्रमुख सुधारों की जानकारी दी। इसमें 'यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल' की स्थापना शामिल है। उन्होंने कहा कि ये आवासीय विद्यालय एक छोटे विश्वविद्यालय की तर्ज पर 25 एकड़ के विशाल परिसर में 200 करोड़ रुपये की लागत से बनाये जा रहे हैं, ताकि एक ही स्थान पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सके।
श्री रेड्डी ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तर्ज पर जल्द ही तेलंगाना शिक्षा नीति लागू की जायेगी। उन्होंने कहा कि नीति तैयार करने के लिए पहले ही समिति गठित की जा चुकी है और इसका कार्यान्वयन शीघ्र ही शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने सरकारी विद्यालयों को मजबूत करने की योजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि निजी संस्थानों की बराबरी पर लाने के लिए पूर्व-प्राथमिक शिक्षा प्रणाली मजबूती से शुरू की जायेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से बच्चों को पूर्व-प्राथमिक विद्यालय लाने के लिए परिवहन सुविधाओं की योजना बनायी जा रही है।
कौशल विकास की पहल के बारे में श्री रेड्डी ने बताया कि राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को उन्नत प्रशिक्षण केंद्रों (एटीसी) में उन्नत किया जा रहा है। इनमें प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक एटीसी की योजना है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री को मॉडल का अध्ययन करने के लिए मल्लेपल्ली एटीसी का दौरा करने का सुझाव दिया। श्री कुमार ने 'यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल' अवधारणा में गहरी रुचि व्यक्त की और परियोजना पर विस्तृत रिपोर्ट का अनुरोध किया।
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