शिमला , जनवरी 04 -- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने धर्मशाला के सरकारी डिग्री कॉलेज में 19 वर्षीय दलित छात्रा पल्लवी की मौत मामले में त्वरित और निष्पक्ष न्याय का आश्वासन दिया है। उन्होंने पल्लवी के परिवार को राज्य सरकार के पूरे समर्थन और समयबद्ध जांच का आश्वासन भी दिया।

मुख्यमंत्री ने शनिवार देर शाम पल्लवी के माता-पिता से फोन पर बातचीत की और इस दुख की घड़ी में अपनी संवेदना और एकजुटता व्यक्त की। यह बातचीत युवा सेवा और खेल मंत्री यादविंदर गोमा ने करवाई, जो दुखी परिवार से मिलने गए थे।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने पल्लवी के परिवार से बातचीत करते हुए उत्पीड़न और अन्याय के खिलाफ राज्य सरकार के जीरो-टॉलरेंस रुख को दोहराया और उसे सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मामले में एक एसोसिएट प्रोफेसर और तीन साथी छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

उल्लेखनीय है कि निष्पक्ष और बिना किसी भेदभाव के जांच सुनिश्चित करने के शुरुआती कदम के तौर पर एसोसिएट प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने परिवार को यह भी आश्वासन दिया कि जांच पारदर्शी, सख्ती से और समयबद्ध तरीके से की जाएगी। उन्होंने सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाएगा और राज्य सरकार दुखी परिवार के साथ पूरी तरह से एकजुटता से खड़ी रहेगी।

कांगड़ा जिले के धर्मशाला के सरकारी डिग्री कॉलेज की दूसरे वर्ष की दलित छात्रा 19 वर्षीय पल्लवी की मौत से पूरे हिमाचल प्रदेश में व्यापक आक्रोश फैल गया है, जिसमें उसके साथियों और एक कॉलेज प्रोफेसर के खिलाफ रैगिंग, शारीरिक हमले और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पल्लवी की 26 दिसंबर, 2025 को लुधियाना के दयानंद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

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