पटना , दिसंबर 07 -- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना के आर्थोपेडिक्स विभाग ने विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सुदीप कुमार ने रविवार को कहा कि हिप रिप्लेसमेंट यह एक अत्यंत सूक्ष्म और प्रभावी प्रक्रिया है, जिसे 'एम्स' पटना में वर्ष 2014 से नियमित रूप से किया जा रहा है और हिप आर्थराइटिस से पीड़ित मरीजों को इस सर्जरी से डरने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है।
डॉ. कुमार के नेतृत्व में आज टोटल हिप रिप्लेसमेंट पर एक उच्च-स्तरीय सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) तथा 'हैंड्स-ऑन' कार्यशाला का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्रभर के प्रमुख आर्थोपेडिक शल्य चिकित्सकों, फैकल्टी सदस्यों और रेज़िडेंट डॉक्टरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
डॉ. सुदीप कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 'जॉइंट रिप्लेसमेंट' के क्षेत्र में 'एम्स' पटना ने हमेशा उन्नत आर्थोपेडिक देखभाल प्रदान की है और 'हिप रिप्लेसमेंट' अस्पताल के सबसे प्रभावशाली उपचारों में से एक है। उन्होंने कहा कि यह सीएमई भावी सर्जनों को प्रशिक्षित करने और मरीजों को सुरक्षित, वैज्ञानिक प्रमाण आधारित और विश्व-स्तरीय उपचार प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता के तहत आयोजित किया गया है।
सीएमई के सह-अध्यक्ष तथा 'एम्स' पटना के मेडिकल सुपरिन्टेन्डेन्ट प्रो. (डॉ.) अनूप कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान की उच्च-गुणवत्ता वाली जॉइंट रिप्लेसमेंट सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
इस कार्यक्रम का विशेष आकर्षण हैंड्स-ऑन सॉबोन वर्कशॉप रहा, जिसका उद्देश्य उभरते आर्थोपेडिक रेज़िडेंट्स को हिप आर्थ्रोप्लास्टी की सूक्ष्म शल्य-तकनीकों को व्यावहारिक सिमुलेशन के माध्यम से समझाना था।
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