नयी दिल्ली , अक्टूबर 01 -- आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों ने हिन्द प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए आसियान-भारत रक्षा संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर दिया है। आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों की 12 वीं एडीएमएम प्लस बैठक में हिस्सा लेने के लिए मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर गये रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को रक्षा मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक के दौरान आसियान के रक्षा मंत्रियों से मुलाकात की। आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों ने हिन्द प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की और क्षेत्रीय स्तर पर भारत के साथ रक्षा सहयोग को मजबूत बनाने पर बल दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत-आसियान रक्षा मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक आसियान के साथ भारत की व्यापक रणनीतिक साझेदारी, विशेष रूप से 2026-2030 के लिए आसियान-भारत कार्य योजना के रक्षा और सुरक्षा घटकों को आगे बढ़ाने का एक रणनीतिक अवसर है। उन्होंने इस अवसर पर दो दूरदर्शी पहलों संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में महिलाओं पर आसियान-भारत पहल और आसियान-भारत रक्षा थिंक-टैंक संपर्क की भी घोषणा की।

मलेशिया के रक्षा मंत्री ने एडीडीएम प्लस के अध्यक्ष के रूप में श्री सिंह का स्वागत करते हुए भारत को एक महाशक्ति बताया। उन्होंने कहा कि आसियान को साइबर और डिजिटल रक्षा के साथ-साथ रक्षा उद्योग एवं नवाचार के क्षेत्र में भारत के साथ संबंध मजबूत बनाने से लाभ होगा। उन्होंने आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने की भारत की क्षमता की सराहना की और कहा कि इससे आसियान सदस्य देशों को लाभ हो सकता है।

फिलीपींस के रक्षा मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय कानून और बहुपक्षवाद के प्रति भारत के सम्मान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन का पालन करके भारत ने क्षेत्र के अन्य देशों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण स्थापित किया है। हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में संकट के समय सबसे पहले सहायता का हाथ बढाने वाले देश के रूप में भारत की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने आगामी भारत-आसियान समुद्री अभ्यास के लिए पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।

कंबोडियाई रक्षा मंत्री ने भी इसी तरह की भावनाओं को दोहराते हुए संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों और सैन्य चिकित्सा में प्रशिक्षण में भारत के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

सिंगापुर के रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि आसियान को इस क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की भारत की क्षमता और योग्यता पर पूरा भरोसा है। उन्होंने युवा पीढ़ी के स्तर पर भारत और आसियान के बीच अधिक संयुक्त गतिविधियों, अधिक नीतिगत संवादों, अधिक संयुक्त अभ्यासों और बातचीत का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि यह बातचीत भविष्य के सहयोग की नींव रखेगी।

थाईलैंड के रक्षा मंत्री ने भी कहा कि भारत के रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र से आसियान को लाभ होगा।

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