पटना , जनवरी 07 -- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश प्रवक्ता एजाज़ अहमद ने बुधवार को कहा कि बिहार में ज्वेलरी दुकानदारों की ओर से हिजाब और नकाब पर लगाया गया प्रतिबंध भारत के संविधान और संवैधानिक परंपराओं के पूरी तरह खिलाफ है।

श्री अहमद ने आज बयान जारी कर कहा कि सुरक्षा के नाम पर हिजाब और नकाब को निशाना बनाना न केवल गलत है, बल्कि यह धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कार्रवाई भी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले संविधान के अंतर्गत नागरिकों को मिले धार्मिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों को छीनने की साज़िश का हिस्सा हैं।

श्री अहमद ने आरोप लगाया कि इस प्रकार की साजिश में पहले से ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोग सक्रिय हैं और अब कुछ ज्वेलरी दुकानदार उसी एजेंडे को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा के नाम पर किसी विशेष धार्मिक पहचान को निशाना बनाना किसी भी सूरत में उचित नहीं है।

राजद प्रदेश प्रवक्ता ने ज्वेलरी दुकानदारों से मांग की कि वे तुरंत इस तरह की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले तौर तरीके को वापस लें और इस दिशा में गंभीरता दिखाएं। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ हिजाब और नकाब तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धार्मिक आज़ादी पर हमला है और भारत की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने वाला कदम है।

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