बेरुत , अप्रैल 13 -- हिजबुल्ला की राजनीतिक परिषद के उपाध्यक्ष महमूद कोमती ने कहा कि हिजबुल्लाह लेबनान और इजरायल के बीच सीधी बातचीत का विरोध करता है और उसे इनसे किसी सकारात्मक परिणाम की उम्मीद नहीं है।

श्री कोमती ने रूसी समाचार एजेंसी 'स्पुतनिक' से कहा, "लेबनान में संघर्षविराम ईरान की वजह से हुआ है। हमें लेबनान के संबंध में वार्ता से सकारात्मक परिणामों की उम्मीद नहीं है। हम लेबनान और इजरायली दुश्मन के बीच सीधी बातचीत को स्पष्ट रूप से खारिज करते हैं और इसे बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करते हैं।"हिजबुल्लाह के नेतृत्व के अनुसार, ईरान के कड़े रुख ने ही अमेरिका और इजरायल को लेबनान में संघर्षविराम वार्ता के लिए सहमत होने पर मजबूर किया। इस बीच, अमेरिका और इजरायल की स्थिति को इस तरह पेश करने की कोशिश कर रहे हैं जैसे कि वे इन वार्ताओं के सूत्रधार हों।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित