मथुरा , फरवरी 8 -- धर्मनगरी वृंदावन में आयोजित 'हिंदू सम्मेलन' में आध्यात्मिक गुरु स्वामी ऋतेश्वर महाराज ने समाज, राष्ट्र और हिंदू संस्कृति पर प्रखर संबोधन दिया।

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हिंदू एकता अत्यंत आवश्यक है और युवाओं को अपनी जड़ों व संस्कारों की ओर लौटना चाहिए। महाराज ने बॉलीवुड और डिजिटल मीडिया के प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से युवा भटक रहे हैं।

उन्होंने आह्वान किया कि राष्ट्र के युवा संस्कार और संस्कृति को अपनाएं, क्योंकि बिना संस्कारों के कोई भी समाज अपनी गरिमा लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रख सकता। उन्होंने हिंदुत्व को 'छत्र' की संज्ञा देते हुए कहा कि यदि यह सुरक्षा कवच हट गया तो समाज की उपलब्धियां टिक नहीं पाएंगी।

सम्मेलन में उन्होंने समाज से ऊंच-नीच और वर्ग-भेद समाप्त करने की अपील की। बांग्लादेश और अन्य स्थानों पर हिंदुओं पर हमलों का संदर्भ देते हुए उन्होंने एकजुट होकर राष्ट्र रक्षा का संकल्प लेने की बात कही। सम्मेलन का उद्देश्य हिंदू समाज को जातिगत बंधनों से ऊपर उठाकर एक मंच पर संगठित करना रहा।

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