वाशिंगटन , नवंबर 16 -- भारतीय फिल्म निर्माता-निर्देशक नीरज घायवान ने अपनी नवीनतम फिल्म 'होमबाउंड' को आकार देने में अपना बहुमूल्य मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए दिग्गज निर्देशक मार्टिन स्कॉर्सेसे का आभार व्यक्त किया है।
श्री घायवान ने लॉस एंजिल्स में अपनी फिल्म के पैनल के दौरान कहा कि फिल्म के कार्यकारी निर्माता और मार्गदर्शक के रूप में काम करने वाले स्कॉर्सेसे ने भारत की जातिगत वास्तविकताओं पर आधारित कहानी को स्पष्टता प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
'होमबाउंड' के कलाकार ईशान खट्टर और विशाल जेठवा भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
श्री घायवान ने डेडलाइन को बताया, "स्कॉर्सेसे ने पटकथा पढ़ी और उन्होंने मुझे बताया कि इसे कैसे बनानी है। हम उनके गहन सम्पर्क में रहते थे। बातचीत करते रहते थे। और फिर अंतिम चरण में उन्होंने पहला कट देखा। उन्होंने हर कदम पर मेरा मार्गदर्शन किया। उन्होंने मुझे अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने में मदद की। उन्होंने हमारी सभी कहानियों को जीवंत कर दिया।"श्री घायवान ने बताया कि यह फिल्म 'मसान' के लगभग एक दशक बाद फीचर फिल्म निर्माण में उनकी वापसी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' में प्रकाशित एक संपादकीय में वर्णित सच्ची घटनाओं ने उन्हें बहुत प्रभावित किया, जिसने 'होमबाउंड' के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा, "यह दोस्ती की कहानी है और महामारी के दौरान दोस्तों के साथ जो घटित हुआ वही सब इसमें है।" उन्होंने कहा कि इस कहानी ने प्रवासन, विस्थापन और लोगों को उनके घरों से दूर धकेलने वाली ताकतों जैसे व्यापक वैश्विक मुद्दों की पड़ताल के लिए एक आधार प्रदान किया।
उन्होंने कहा कि फिल्म का उद्देश्य 'हाशिए पर पड़े समुदायों के अनुभवों का मानवीय चित्रण करना है। उनकी संवेदना, दर्द और मानवता को दिखाने की आवश्यकता पर जोर देना है। उनका चित्रण करते हुए हमने हरसंभव कोशिश की कि आंकड़ों और अमूर्तता से बचा जाए।
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