रांची , नवम्बर 11 -- झारखंड हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री और कांग्रेस पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की को आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है।
न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की अदालत ने आज बंधु तिर्की की ओर से दायर हस्तक्षेप याचिका को खारिज करते हुए उन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने साफ कहा कि अपील की सुनवाई को लेकर जल्दबाजी का कोई औचित्य नहीं बनता।
बंधु तिर्की ने अपनी ओर से दाखिल याचिका में अनुरोध किया था कि उनकी अपील पर शीघ्र सुनवाई की जाए, ताकि सीबीआई कोर्ट द्वारा दी गई सजा के खिलाफ उन्हें राहत मिल सके। हालांकि, अदालत ने यह मांग अस्वीकार कर दी। इससे पहले भी उन्होंने इसी प्रकरण में हस्तक्षेप याचिका दाखिल की थी, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया था।
ज्ञातव्य यह मामला वर्ष 2022 में तब सुर्खियों में आया था जब सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश पी.के. शर्मा ने 28 मार्च को बंधु तिर्की को आय से अधिक संपत्ति के आरोप में दोषी ठहराया था। कोर्ट ने उन्हें तीन साल की सजा के साथ जुर्माना भी लगाया था। उस फैसले को चुनौती देते हुए बंधु तिर्की ने झारखंड हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब बंधु तिर्की को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है।
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