चंडीगढ़ , दिसंबर 02 -- पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधायक अभय सिंह चौटाला की याचिका पर केंद्र सरकार, हरियाणा और चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी किया है। श्री चौटाला ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए जेड प्लस श्रेणी की केंद्रीय सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

अदालत ने हालांकि सभी पक्षों से 14 दिनों में जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को मुकर्रर की गयी है।

याचिका में श्री चौटाला ने कहा है कि जून 2023 से जुलाई 2025 के बीच उन्हें कई बार अज्ञात कॉलरों, विदेशी नंबरों और खुद को अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर बताने वाले व्यक्तियों से धमकियां मिलीं। कॉलरों ने इन संदेशों को "आख़िरी चेतावनी" बताते हुए उनके परिवार को नुकसान पहुँचाने तक की धमकी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार शिकायतों के बावजूद राज्य सरकार सुरक्षा बढ़ाने में विफल रही है। वर्तमान में उन्हें वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है।

श्री चौटाला की ओर से पेश हुए अधिवक्ता संदीप गोयल ने अदालत को बताया कि 15 जुलाई को उनके बड़े पुत्र करण चौटाला को एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से धमकी भरी कॉल आई, जिसमें अपशब्दों का प्रयोग करते हुए "चौटाला को काबू में रखने" की बात कही गई। श्री गोयल ने कहा कि इस संबंध में चंडीगढ़ पुलिस ने अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।

याचिका में इनेलो की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष नफे सिंह राठी की हत्या का भी उल्लेख किया गया है। श्री चौटाला ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी इन घटनाओं के पीछे हो सकते हैं, जिससे यह केवल निजी खतरे का मामला न रहकर व्यापक सुरक्षा चुनौती बन गया है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि वाई प्लस सुरक्षा राज्य की सीमाओं तक सीमित होती है, जबकि श्री चौटाला देशभर में लगातार यात्रा करते हैं। ऐसे में केंद्रीय एजेंसी द्वारा 24 घंटे की सुरक्षा और प्राप्त धमकियों की केंद्रीय स्तर पर जांच आवश्यक है।

श्री चौटाला के पुत्र करण द्वारा 15 जुलाई की धमकी के संबंध में चंडीगढ़ के सेक्टर-3 थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में कहा गया कि उन्हें व्हाट्सऐप कॉल और वॉयस मैसेज में उनके पिता को राठी की तरह अंजाम तक पहुँचाने की धमकी दी गई। यही धमकी ऑडियो क्लिप चौटाला के निजी सचिव को भी भेजी गई।

करण चौटाला ने पुलिस को यह भी याद दिलाया कि 2023 में जींद की एक रैली में भी उनके पिता को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई थी, जिस पर एफआईआर दर्ज हुई थी।

श्री चौटाला ने अदालत में कहा कि विदेशी नेटवर्क की संलिप्तता और लगातार गंभीर धमकियों को देखते हुए जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा जिसमें एनएसजी कमांडो और 55 से अधिक प्रशिक्षित कर्मी शामिल होते हैं उनकी सुरक्षा के लिए अनिवार्य हो गई है।

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