कोलकाता , नवंबर 18 -- कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ द्वारा पिछले सप्ताह मुकुल रॉय की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा सचिवालय इस फैसले को चुनौती देने के लिए कानूनी विकल्पों की तलाश कर रहा है।

सचिवालय अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा अध्यक्ष बिमान बंदोपाध्याय के कार्यालय ने संभावित कार्रवाई पर कानूनी विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करना शुरू कर दिया है। राज्य के महाधिवक्ता किशोर दत्ता सोमवार शाम विधानसभा अध्यक्ष से मिलने विधानसभा पहुंचे, जिससे यह अटकलें तेज़ हो गईं कि यह मामला जल्द ही उच्चतम न्यायालय जा सकता है।

इस मामले में अध्यक्ष और महाधिवक्ता ने बैठक में हुई बातचीत का खुलासा नहीं किया लेकिन बैठक से इस बात के संकेत प्राप्त हुए कि सचिवालय उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ने कोई अन्य जानकारी देने से इनकार करते हुए इस बात की पुष्टि की कि वह वर्तमान में सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर गौर कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है 13 नवंबर को न्यायमूर्ति देबांगसू बसाक और न्यायमूर्ति मोहम्मद शब्बार रशीदी की खंडपीठ ने श्री रॉय की सदस्यता रद्द कर दी थी और उन्हें अयोग्य घोषित करने से इनकार करने वाले अध्यक्ष के पहले के आदेश को भी रद्द कर दिया था।

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