इंदौर , जनवरी 21 -- मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में बीआरटीएस हटाने को लेकर हाईकोर्ट के आदेश को लगभग एक वर्ष पूरा होने जा रहा है, लेकिन अब तक यह कार्य पूरा नहीं हो सका है। नगर निगम की कार्रवाई में देरी के चलते अब ठेकेदार ने भी काम करने से हाथ खड़े कर दिए हैं, जिससे मामला और उलझ गया है।
इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्वीकार किया है कि बीआरटीएस हटाने का कार्य ठेकेदार की मनमानी के कारण रुका हुआ है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार द्वारा काम छोड़ने के चलते नगर निगम ने उसके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। महापौर के अनुसार जल्द ही नया टेंडर जारी किया जाएगा, ताकि बीआरटीएस हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
नगर निगम के सूत्रों का कहना है कि ठेकेदार के काम छोड़ देने से शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रबंधन और विकास योजनाओं पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। हाईकोर्ट ने पिछले वर्ष बीआरटीएस हटाने के आदेश दिए थे, जिससे यातायात दबाव वाले मार्गों को चौड़ा कर आवागमन को सुगम बनाया जा सके। निगम प्रशासन को उम्मीद है कि नए ठेकेदार के चयन के बाद कार्य में गति आएगी और हाईकोर्ट के निर्देशों का समयबद्ध तरीके से पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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