नैनीताल , दिसंबर 10 -- उत्तराखंड के हल्द्वानी में रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण के मामले शीर्ष अदालत में बुधवार को सुनवाई नहीं हो पायी। अब इस मामले में सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तिथि तय की गयी है।

हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण से संबंधित बहुचर्चित मामले में शीर्ष अदालत सुनवाई कर रही है है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायाधीश उज्जवल भूयानंद और न्यायमूर्ति एन कोटेश्वर की तीन सदस्यीय पीठ सिविल अपील पर सुनवाई कर रही है।

इस मामले में आज अंतिम सुनवाई होनी थी लेकिन अदालत सुनवाई नहीं कर पायी। अब इस मामले में 16 दिसंबर की तिथि तय है।

यहां बता दें कि वर्ष 2023 में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने रेलवे की भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिये थे। हाईकोर्ट के इस आदेश को अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती दे दी।

रेलवे की ओर से उच्च न्यायालय के आदेश पर अतिक्रमित भूमि पर 4365 घरों को चिह्नित किया गया है। उसका कहना है कि उसे रेल सेवा के विस्तार के लिये 30 हेक्टेअर भूमि की आवश्यकता है और भूमि नहीं मिलने से रेल सेवाओं का विस्तार नहीं हो पा रहा है।

इधर पुलिस प्रशासन चौकन्ना है और हर सुनवाई पर प्रभावित बनभूलपुरा क्षेत्र में भारी सुरक्षा व्यवस्था की जाती है है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाॅ मंजूनाथ टीसी की अगुवाई में पुलिस टीम मोर्चा संभाले हुए है। भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

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