नयी दिल्ली , जनवरी 12 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि नए विचार, ऊर्जा तथा उद्देश्यों के साथ, युवा शक्ति राष्ट्र निर्माण में सबसे आगे है और देश के हर युवा को संकल्प लेकर भारत को गुलामी की मानसिकता से बाहर निकालना है।

श्री मोदी ने सोमवार को यहां विकसित भारत ' यंग लीडर्स डायलॉग' के दूसरे सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहां की उनकी सरकार ने बीते एक दशक में अनेक सुधार किए हैं और देश की युवा शक्ति को इनके केंद्र में रखा है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति नए विचार, ऊर्जा तथा उद्देश्यों के साथ राष्ट्र निर्माण में सबसे आगे है और अब देश के हर युवा को संकल्प लेकर देश को गुलामी की मानसिकता से बाहर निकालना हैश्री मोदी ने कहा कि बीते दशक में बदलाव और सुधार का जो सिलसिला सरकार ने शुरू किया है उसने गति पकड़ ली है और युवा शक्ति इन सुधारो के केंद्र में है। उन्होंने कहा,"हमने युवाओं को ध्यान में रखते हुए एक के बाद एक नई योजना बनाई है और यहीं से स्टार्टअप क्रांति ने भारत में असली गति पकड़ी है।"प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज विषय वस्तु, संस्कृति और रचनात्मकता का अभूतपूर्व विकास होते देख रहा है और इसमें युवा शक्ति आगे है।

स्वामी विवेकानंद की जयंती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।

युवा और खेल मामलों के मंत्रालय द्वारा आयोजित यह सम्मेलन देश के युवाओं को 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना से अपने विचारों को जोड़ने का मंच प्रदान करता है। इस वर्ष सम्मेलन की विषय वस्तु युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और उन्हें सशक्त बनाने पर केंद्रित है।

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