पटना , जनवरी 07 -- बिहार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हर घर नल का जल योजना से ग्रामीण जीवन स्तर, स्वास्थ्य एवं महिलाओं के सम्मान में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया है।

मंत्री श्री सिंह ने आज यहां बापू टावर में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा नव-नियुक्त 104 सहायक अभियंताओं के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा कि मुख्यमंत्री श्री कुमार के नेतृत्व में हर घर नल का जल योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में केवल शुद्ध पेयजल ही नहीं पहुंचाया है, बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर, स्वास्थ्य एवं महिलाओं के सम्मान में भी महत्वपूर्ण परिवर्तन लायी है। उन्होंने कहा कि राज्य में जलापूर्ति के क्षेत्र में एक व्यापक एवं सुदृढ़ ढांचा विकसित किया गया है, और वर्तमान समय में विभाग की प्राथमिकता इस व्यवस्था के प्रभावी संचालन एवं अनुरक्षण पर केंद्रित है।

मंत्री ने बताया कि राज्य के एक लाख चौदह हजार से अधिक वार्डों में लगभग एक लाख बीस हजार जलापूर्ति योजनाओं के माध्यम से 1.86 करोड़ घरों तक प्रतिदिन 70 लीटर प्रति व्यक्ति की दर से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव है जब फील्ड स्तर पर योजनाएँ तकनीकी रूप से क्रियाशील रहें और अंतिम उपभोक्ता तक बिना बाधा गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुँचे।

इस अवसर पर मंत्री श्री सिंह ने नव-नियुक्त अभियंताओं से संवाद करते हुए कहा कि आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों को संवेदनशीलता और धैर्य के साथ सुनना और उनका समय पर समाधान करना फील्ड स्तर पर आपकी सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओ को 35 प्रतिशत आरक्षण देने का महत्वपर्ण निर्णय लिया था। आज इस कार्यक्रम में अधिक संख्याओं में महिलाओं की उपस्थिति यह दर्शाती है कि समाज के विकास में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ रही है। आज तकनीकी सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी राज्य सरकार के समान अवसर और गणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस अवसर पर विभागीय सचिव पंकज कुमार पाल ने नव-नियुक्त सहायक अभियंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा राज्य भर में संचालित की जा रही जलापूर्ति योजनाओं की सफलता अब मुख्य रूप से उनके सुचारु संचालन और नियमित अनुरक्षण पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था का प्रभाव आम नागरिक के दैनिक जीवन पर तुरंत दिखाई देता है, इसलिए इसमें समयबद्धता, तकनीकी स्पष्टता और उत्तरदायित्व का होना आवश्यक है।

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