नयी दिल्ली , जनवरी 09 -- दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा है कि हर घर तक स्वच्छ, समान और निरंतर जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

श्री सिंह ने विधानसभा में नियम 270 के तहत जलापूर्ति के संबंध में अपने वक्तव्य में शुक्रवार को कहा कि दिल्ली सरकार और दिल्ली जल बोर्ड भारत सरकार के सहयोग से हर घर तक स्वच्छ, समान और निरंतर जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्तमान समय में जल की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए जो चुनौतियां आ रही हैं, ये सब पिछली सरकार की वर्षों की उपेक्षा, अनिर्णय और देरी का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने जल विभाग की कमान ऐसी विकट और उपेक्षित स्थिति में संभाली जो वर्षों की लापरवाही का शिकार थी। भाजपा सरकार को जर्जर जल ढांचा विरासत में मिला है। कुल 16 हजार किलोमीटर पाइप लाइन में से पांच हजार दो सौ मीटर से अधिक 30 साल से पुरानी पाइपलाइन है। दो हजार सात किलोमीटर पाइपलाइन 20 से 30 साल पुरानी है, जिसके कारण जगह-जगह रिसाव, पाइप फटना और प्रदूषण का खतरा और 45 प्रतिशत तक पानी बर्बाद हो रहा है। उन्होंने कहा कि 2011 से प्रस्तावित बड़े सुधार प्रोजेक्ट चंद्रावल और वजीराबाद कमान क्षेत्रों के टेंडर रद्द करने और अन्य कारणों से यह परियोजना लंबे समय से लटकी रहे हैं। इससे लागत में भारी वृद्धि हुई तथा लाखों नागरिक स्वच्छ जल से वंचित रहे।

जल मंत्री ने कहा कि विरासत से मिली चुनौतियों से पार पाने के लिए हम दृढ़ संकल्प हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 11 महीने में कई कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा कि नवंबर में चंद्रावल परियोजना के शेष पैकेज को तुरंत आवंटित किया जिसकी कुल लागत 2406 करोड़ रुपये है। हमारी सरकार ने 1044 किलोमीटर नयी पाइपलाइन डालने का काम मंजूर किया है। इक्की अंडरग्राउंड रिजर्वायर (यूजीआर) का निर्माण होगा, जिससे नौ विधानसभा क्षेत्रों में जलापूर्ति सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दो तीन सालों में पुरानी पाइप लाइनों को बदला जायेगा।

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