चंडीगढ़ , जनवरी 26 -- हरियाणा में स्कूली वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य के सभी जिलों में सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के नियमों के पालन की जांच की जाएगी। इस उद्देश्य से हरियाणा परिवहन विभाग द्वारा यातायात पुलिस के सहयोग से विशेष अभियान शुरू किया गया है, जो आज से 31 जनवरी तक चलेगा।

अभियान के तहत स्कूल बसों और वैन की फिटनेस, सुरक्षा उपकरणों और निर्धारित मानकों की गहन जांच की जाएगी। इसके साथ ही सड़कों पर चल रहे ओवरलोड वाहनों के भी चालान किये जाएंगे। परिवहन विभाग ने इसके लिए यातायात जागरूकता अभियान का विस्तृत शेड्यूल तैयार किया है। स्कूलों, कॉलेजों के साथ-साथ जिला और उपमंडल स्तर पर भी सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

स्कूल बसों में प्राथमिक चिकित्सा किट, अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन निकास द्वार, मानक गुणवत्ता वाला स्पीड कंट्रोलर और पीने के पानी की उपलब्धता अनिवार्य की गयी है। बस के अंदर सुरक्षा संबंधी निर्देश स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होने चाहिए। इसके अलावा वाहन पर स्कूल का नाम और संपर्क नंबर लिखा होना चाहिए तथा मजबूत और विश्वसनीय लॉकिंग सिस्टम होना जरूरी है।

स्कूल बसों और वैन में स्पीड कंट्रोलर अनिवार्य है, जिसकी अधिकतम गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गयी है। स्कूल बस का रंग हाईवे पीला होना चाहिए और उसके चारों ओर 150 मिमी चौड़ाई की हरी पट्टी होनी चाहिए। साथ ही वाहन के चारों ओर स्पष्ट रूप से 'स्कूल बस' लिखा होना आवश्यक है। विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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