नयी दिल्ली , मार्च 13 -- हरियाणा की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने और युवाओं एवं महिलाओं के लिए नए रोजगार अवसर पैदा करने मैं सहायता के उद्देश्य से विश्व बैंक ने केंद्र सरकार और हरियाणा राज्य सरकार के साथ एक समझौता पर हस्ताक्षर किया है।
विश्व बैंक की शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट ऑपरेशन के तहत 30 करोड़ डॉलर की यह परियोजना राज्य में वायु प्रदूषण कम करने में मदद करेगी। इसके सकारात्मक प्रभाव अन्य राज्यों और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक भी पहुंचने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम के माध्यम से वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा और डेटा आधारित नीतिगत फैसलों के लिए अत्याधुनिक प्रणालियों को भी शामिल किया जाएगा।
इस समझौते पर भारत सरकार की ओर से वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग की संयुक्त सचिव जूही मुखर्जी, हरियाणा सरकार की ओर से डॉ. जे गणेशन (सीईओ, अर्जुन काउंसिल) और विश्व बैंक की ओर से भारत के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर पाल प्रोसी ने हस्ताक्षर किए।
इस समझौते पर हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं हरियाणा में स्वच्छ हवा हासिल करने के लिए बहु-क्षेत्रीय कार्ययोजना को समर्थन देने के लिए विश्व बैंक का स्वागत करता हूं। यह साझेदारी वायु गुणवत्ता में सुधार लाने और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विश्व बैंक के सहयोग से हम व्यापक उपायों को तेजी से लागू कर पाएंगे, जिससे पूरे क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।"उन्होंने कहा कि यह पहल स्वच्छ और चिरस्थायी शहरी परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देने के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर भी पैदा करेगी, खासकर शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में।
विश्व बैंक इंडिया के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर प्रोसी ने कहा कि निजी पूंजी जुटाने के माध्यम से यह कार्यक्रम 12.7 करोड़ डॉलर के निवेश को परिवहन, ऊर्जा और उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आकर्षित करेगा, जिससे राज्य और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।
कार्यक्रम के तहत गुरुग्राम और फरीदाबाद में ई-बस संचालन के लिए 10,000 लोगों, विशेषकर महिलाओं, को ड्राइवर, कंडक्टर और अन्य पदों पर रोजगार देने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा लगभग 2,000 एमएसएमई को स्वच्छ तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। किसानों को फसल अवशेष जलाने को कम करने और पशु अपशिष्ट प्रबंधन के लिए वैकल्पिक मशीनरी और उपाय अपनाने हेतु भी प्रोत्साहन मिलेगा।
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