चंडीगढ़ , दिसंबर 27 -- हरियाणा में सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा में बढ़ते नशे के मामलों पर गहरी चिंता जताते हुए राज्य सरकार से ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नशा प्रदेश की युवा पीढ़ी के लिए गंभीर खतरा बन चुका है और इसे नजरअंदाज करना भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
कुमारी सैलजा ने पत्रकारों से कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक असंतुलन का नतीजा है। जब तक सरकार नशे के मूल कारणों पर काम नहीं करेगी, तब तक इस पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है। उन्होंने नशा तस्करी से जुड़े गठजोड़ पर कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जो लोग इस अवैध धंधे को संरक्षण दे रहे हैं, उनके खिलाफ पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई होनी चाहिए।
सांसद ने बेरोजगारी को नशे का प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि हरियाणा में दो लाख से अधिक सरकारी पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार उन्हें भरने के प्रति गंभीर नहीं है। पढ़ा-लिखा युवा लंबे समय तक रोजगार की प्रतीक्षा करता है और निराशा में गलत रास्ते पर चला जाता है।
उन्होंने मांग की कि खाली पड़े सरकारी पदों को शीघ्र भरा जाये, ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके और वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहें। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाये जायें। नशा मुक्ति अभियानों को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखकर जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए तथा सामाजिक संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों, प्रशासन और राजनीतिक दलों को साथ लेकर व्यापक अभियान चलाया जाये।
कुमारी सैलजा ने कहा कि केवल भाषणों और कागजी योजनाओं से नशे पर नियंत्रण संभव नहीं है। इसके लिए ठोस नीति, मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि उपलब्ध आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं और नशा करने वालों में 25 वर्ष से कम उम्र के युवाओं की संख्या सबसे अधिक है। जिन गांवों और वार्डों को नशा मुक्त घोषित किया जा रहा है, वहां भी नशेड़ियों की संख्या अधिक पायी जा रही है।
उन्होंने सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, अंबाला और यमुनानगर को नशे से प्रभावित जिले बताया और कहा कि सिरसा सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां नशे से होने वाली मौतों की संख्या भी अधिक है। सांसद ने सरकार से अपील की कि प्रदेश के युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि हरियाणा को नशे की गिरफ्त से बाहर निकाला जा सके।
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