चंडीगढ़ , मार्च 31 -- हरियाणा में सिरसा लोक सभा सीट की सांसद कुमारी सैलजा ने राज्य में बढ़ते प्रदूषण और घटती हरियाली पर गंभीर चिंता जतायी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के दावे तो बड़े-बड़े किये जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात चिंताजनक हैं।
उन्होंने बताया कि कई जिलों में पौधारोपण के बावजूद बहुत कम पौधे जीवित रह पाये हैं, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में खामियां और कमजोर निगरानी व्यवस्था उजागर होती है। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही की कमी का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि वन विभाग में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, जिससे जंगलों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है और अवैध कटाई की घटनायें भी सामने आ रही हैं। साथ ही नदियों और नालों के प्रदूषण पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि दूषित पानी लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रहा है।
कुमारी सैलजा ने मांग की कि जल स्रोतों की नियमित जांच हो और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ उनकी देखभाल और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि लगाये गये पौधे पेड़ों में विकसित हो सकें।
उन्होंने राज्य सरकार से पर्यावरण संरक्षण पर खर्च किये गये धन का सार्वजनिक लेखा-जोखा देने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि अब समय है कि घोषणाओं से आगे बढ़कर धरातल पर ठोस परिणाम दिखाए जायें।
कुमारी सैलजा ने किसानों और आढ़तियों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर समाधान की मांग की है। उन्होंने मंडियों में गेट पास, बायोमेट्रिक सत्यापन और समय-सीमा को जटिल बताते हुए कहा कि इससे छोटे किसानों को परेशानी हो रही है।
उन्होंने पंजाब की तर्ज पर ओटीपी आधारित सरल प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया और आढ़त दरों की पुनर्समीक्षा की मांग की। साथ ही 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल को दोबारा खोलने की अपील की, ताकि छूटे किसान पंजीकरण कर सकें।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित