चंडीगढ़ , जनवरी 12 -- ) हरियाणा में लगातार खराब होते पेयजल को लेकर सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने इस पर गहरी चिंता जताई और कहा कि राज्य में पेयजल धीरे-धीरे जहर बनता जा रहा है और आम जनता मजबूरी में दूषित पानी पीने को विवश है। कड़ाके की सर्दी के बावजूद लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा, जो सरकार और प्रशासन की गंभीर विफलता को दर्शाता है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार हरियाणा के कई जिलों, कस्बों और कॉलोनियों में पानी की गुणवत्ता तय मानकों से काफी नीचे है। अनेक क्षेत्रों में पानी में टीडीएस, फ्लोराइड और नाइट्रेट की मात्रा मानकों से कहीं अधिक पाई गई है। कई जगहों पर 600 से 1300 तक टीडीएस वाला जलापूर्ति किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। सार्वजनिक स्थानों, जलघरों और रिहायशी इलाकों में भी पानी पीने योग्य नहीं है लेकिन संबंधित विभाग जिम्मेदारी लेने से बचते नजर आ रहे हैं।

उन्होंने सिरसा जिले के घग्घर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि घग्घर नदी में कैमिकल युक्त पानी बहने से आसपास के गांवों का भूमिगत पानी भी दूषित हो गया है। इस कारण कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। दूषित पानी के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में पेट, हड्डियों, किडनी और त्वचा से जुड़ी बीमारियां लगातार बढ़ रही हैं।

कुमारी सैलजा ने कहा कि वर्षों से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। लोग टैंकरों से पानी लेने को मजबूर हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए, जल स्रोतों की नियमित जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि जनता को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिल सके।

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