चंडीगढ़ , अप्रैल 02 -- हरियाणा सरकार ने राज्यभर में 'ज्ञान भारतम' पहल और राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण को तेज़ी देने के निर्देश जारी किए हैं।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने गुरुवार को उपायुक्तों, विश्वविद्यालयों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में समयबद्ध सर्वेक्षण सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत मंदिरों, पुस्तकालयों, विश्वविद्यालयों और निजी संग्रहकर्ताओं के पास मौजूद पांडुलिपियों की पहचान, सत्यापन, सूचीकरण और डिजिटलीकरण किया जाएगा।

सरकार आधुनिक तकनीक के माध्यम से एक राष्ट्रीय डिजिटल भंडार तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें उच्च गुणवत्ता स्कैनिंग, मेटाडेटा रिकॉर्डिंग और क्लाउड स्टोरेज शामिल होंगे। साथ ही, प्राचीन लिपियों के अध्ययन और संरक्षण के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। मार्च से जून 2026 के बीच सर्वेक्षण पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। जनभागीदारी बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान और इंटर्नशिप कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।

दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी जिला सिविल अस्पतालों में सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाओं के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब प्रत्येक मरीज का पूरा चिकित्सीय रिकॉर्ड, जांच की आवश्यकता और सहमति फाइल में दर्ज करना अनिवार्य होगा। यह कदम सेवाओं में पारदर्शिता और दुरुपयोग रोकने के लिए उठाया गया है।

पीपीपी मॉडल के तहत चल रही इन सेवाओं का लाभ बीपीएल, ईडब्ल्यूएस, सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और अन्य पात्र वर्गों को निःशुल्क मिल रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी रिकॉर्ड की नियमित समीक्षा की जाए और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

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