चंडीगढ़ , अप्रैल 28 -- कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि हरियाणा में गर्मी की शुरुआत के साथ ही पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है।
प्रदेश के कई जिलों, विशेषकर सिरसा के ऐलनाबाद क्षेत्र समेत विभिन्न इलाकों में पानी की भारी कमी देखी जा रही है। हालात ऐसे हैं कि कई स्थानों पर पानी की राशनिंग तक करनी पड़ रही है और लोगों को टैंकरों के सहारे रहना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि एक ओर पानी की किल्लत है, वहीं दूसरी ओर बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। भीषण गर्मी के बीच लंबे-लंबे बिजली कट आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि जिस हरियाणा को विकसित राज्य बताया जाता है, वहां आज गांवों और शहरों में पंचायतों की सबसे बड़ी मांग पेयजल टैंकर बन गयी है। यह स्थिति राज्य की जल प्रबंधन व्यवस्था की विफलता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि अपने सांसद कोटे से उन्होंने कई गांवों में पानी के टैंकर उपलब्ध करवाये हैं, लेकिन इसके बावजूद मांग लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि पेयजल आपूर्ति को तुरंत प्रभाव से नियमित और सुचारू बनाया जाये, ताकि लोगों को राहत मिल सके। साथ ही बिजली आपूर्ति में भी सुधार किया जाये।
सैलजा ने कहा कि सिरसा के ऐलनाबाद और नाथुसरी चोपटा क्षेत्र के लोग राजस्थान से पानी लाकर गुजारा कर रहे हैं, जबकि कई गांवों में लोगों को पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि यमुना में जहां 8000 क्यूसेक पानी की जरूरत है, वहां केवल 1500 क्यूसेक पानी मिल रहा है।
प्रदेश में 38 बीसीएम पानी की आवश्यकता के मुकाबले नहरी और बरसाती पानी से केवल 20 बीसीएम ही उपलब्ध हो पा रहा है, जबकि शेष 18 बीसीएम की पूर्ति भूजल के दोहन से की जा रही है।
सांसद ने कहा कि हरियाणा सरकार को अपने हिस्से के पानी के लिए पंजाब पर दबाव बनाना चाहिए। रावी-ब्यास नदी से हरियाणा को 3.5 एमएएफ पानी मिलना चाहिए, लेकिन वर्तमान में केवल 1.88 एमएएफ ही मिल रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि इस बार भीषण गर्मी की संभावना को देखते हुए सरकार को अभी से पेयजल आपूर्ति की ठोस व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही पशुओं के लिए जोहड़ों में पर्याप्त पानी भरा जाये और बिजली व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाये, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित